नागमती-वियोग-खंड-30 पद्मावत/जायसी
नागमती चितउर-पथ हेरा । पिउ जो गए पुनि कीन्ह न फेरा ॥ नागर काहु नारि बस परा । तेइ मोर पिउ मोसौं हरा ॥ सुआ काल होइ लेइगा पीऊ । पिउ नहिं जात, जात बरु जीऊ ॥ भएउ नरायन बावन करा । राज करत राजा बलि छरा ॥ करन पास लीन्हेउ कै छंदू । बिप्र […]
