काव्य

जिनकी आँखों में मैंने डर देखा/ग़ज़ल/रचना निर्मल

जिनकी आँखों में मैंने डर देखा ख़त्म उनका वहीं सफ़र देखा उसकी आँखों को तर ब तर देखा इश्क़ का जिस प भी असर देखा  वस्ल की बात उससे क्या होती जिसने हमको न इक नज़र देखा  अश्क कितना अगर मगर करते हर जगह आफ़तों का घर देखा उसके घर में लगा न अपना दिल […]

रूह अपनी न हुई जिस्म भी अपना न हुआ/ग़ज़ल/रचना निर्मल

रूह अपनी न हुई जिस्म भी अपना न हुआ काट दी उम्र जहाँ वो भी हमारा न हुआ  मिल गईं ख़ाक में सब आसमाँ उनका न हुआ जिन पतंगों का तेरे शह्र में जाना न हुआ घर का हर शख़्स मिलनसार था पर जाने क्यों बात जिससे मैं कहूँ मन की वो रिश्ता न हुआ […]

क़िस्से में रहती है/ग़ज़ल/रचना निर्मल

ख़यालों की बना कर डोर हर क़िस्से में रहती है तमन्ना हर घड़ी इस दिल को उकसाने में रहती है गुज़र कर हर घड़ी माज़ी के अफ़्साने में रहती है वो आप को हर वक़्त दुहराने में रहती है कहाँ उसको दिखाई देगा अपना चाक पैराहन जो बस हर वक़्त उलझी ज़ुल्फ़ें सुलझाने में रहती […]

वस्ल की बात जब भी आती है/ग़ज़ल/रचना निर्मल

वस्ल की बात जब भी आती है मोम सी वो पिघलती जाती है  रात दिन वो मुझे सताती है इश्क़ की आग में जलाती है  ऐ हवाओ तुम्हीं बता दो मुझे याद क्या उसको मेरी आती है  ज़िक्र करती है बार बार मेरा जब वो नग़मा कोई सुनाती है  ज़ह्न ओ दिल में उतर के […]

क़रीब दिल के रहें किस तरह वो याराने/ग़ज़ल/रचना निर्मल

क़रीब दिल के रहें किस तरह वो याराने जो बात बात प लगते हों हमको बेगाने  लुटा दी जान जिन्होंने वफ़ा की राहों में हुए ज़माने में मशहूर उनके अफ़साने  सराब कहते हैं ख़ुशियों को सिर्फ़ लोग वही गए कभी नहीं जिनके दिलों से वीराने कोई तो मुझको बताए कि ज़िक्र पर उसके मैं अपने […]

ज़मीं पर पाँव हिम्मत बाँध कर जो धर ही लेते हैं /ग़ज़ल/रचना निर्मल

ज़मीं पर पाँव हिम्मत बाँध कर जो धर ही लेते हैं सफ़र  मुश्किल हो जितना भी वो पूरा कर ही लेते हैं भरोसा होता है जिनको ख़ुदा की ज़ात पर देखो दुआ से शादमानी का वो कासा भर ही लेते हैं  भरेगी जेब कैसे कौन सी फ़ाइल दबाने से ये सारे फ़ैसले कुछ क्लर्क और […]

ज़ख़्म दिल पर हज़ार खाती हूँ/ग़ज़ल/रचना निर्मल

रस्म-ए-दुनिया मैं जब निभाती हूँ ज़ख़्म दिल पर हज़ार खाती हूँ सोते-सोते भी मुस्कुराती हूँ ख़्वाब आँखों में जब सजाती हूँ साँस लगती है टूटने मेरी दर्द जब दिल का गुनगुनाती हूँ दिल में बहता है अश्कों का दरिया ख़ुद को बेबस मैं जब भी पाती हूँ तुझसे मिलने की प्यास की ख़ातिर तेरे दर […]

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे/गीत/इंदीवर

नसीब इन्सान का चाहत से ही सँवरता है क्या बुरा इसमें किसी पर जो कोई मरता है हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे मरनेवाला कोई जिन्दगी चाहता हो जैसे रूठ जाओ अगर तुम तो क्या हो पल में ऐसे लगे, जिस्म से जान जैसे जुदा हो जिन्दगी बिन तुम्हारे अधूरी तुम को पा लूँ अगर, हर […]

जिस दिल में बसा था प्यार तेरा/गीत/इंदीवर

जिस दिल में बसा था प्यार तेरा उस दिल को कभी का तोड़ दिया, हाय, तोड़ दिया बदनाम न होने देंगे तुझे तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया, हाय, छोड़ दिया जिस दिल में बसा था प्यार तेरा जब याद कभी तुम आओगे समझेंगे तुम्हें चाहा ही नहीं राहों में अगर मिल जाओगे सोचेंगे तुम्हें […]

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब/गीत/इंदीवर

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या कोई किसी का नहीं ये झूठे नाते हैं नातों का क्या कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या होगा मसीहा… होगा मसीहा सामने तेरे फिर भी न तू बच पायेगा तेरा अपना… […]