फ़ितरत/दया शर्मा
फ़ितरत में जिनके प्यार हो नफरत भला वे क्यों करें। अच्छे ही हों सब ,इस बात की हसरत भला वे क्यों करें । कौन जाने छूटे कब साथ किसी का ज़हमत दूरियों की भला क्यों करें! ले कर चलते हैं जो साथ सभी का हिमाक़त न तोहमत लगाने की हम करें। उल्फ़त ही क़वायद है […]
