जज़्बाती दोस्ती /पंजाबी लघुकथा/रजनी
ढिल्लों चौंक से गुजरते जब निर्मल स्कूटी पर अपने स्कूल जाती तो रास्ते में आने वाली तंग गली में बार-बार होरन बजाने से भी गली के कुत्ते और बूढ़ा कुलवंत एक तरफ ना हुए, निर्मल ने नाराजगी जताते हुए कहा,”बाबा जी, आपके इन कुत्तों और आपके यहां इकठ्ठा खड़े होने के कारण मैं रोज स्कूल […]
