Year: 2025

तू प्यार का सागर है/गीत/शैलेन्द्र

तू प्यार का सागर है, तेरी इक बून्द के प्यासे हम लौटा जो दिया तुमने, चले जाएँगे जहाँ से हम तू प्यार का सागर है … घायल मन का, पागल पँछी उड़ने को बेक़रार पँख हैं कोमल, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार जाना है सागर पार अब तू ही इसे समझा, राह भूले […]

दिल अपना औ प्रीत पराई/गीत/शैलेन्द्र

दिल अपना औ प्रीत पराई किस ने है ये रीत बनाई आँधी में एक दीप जलाया और पानी में आग लगाई दिल अपना … है दर्द ऐसा कि सहना है मुश्किल दुनिया वालों से कहना है मुश्किल घिर के आया है तूफ़ान ऐसा बच के साहिल से रहना है मुश्किल दिल अपना … दिल को […]

रमय्या वस्तावय्या/गीत/शैलेन्द्र

रमय्या वस्तावय्या, रमय्या वस्तावय्या मैने दिल तुझको दिया नैनों में थी प्यार की रोशनी, तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी तू और था तेरा दिल और था, तेरे मन में ये मीठी कटारी न थी मैं जो दुख पाऊँ तो क्या, आज पछताऊँ तो क्या मैने दिल तुझको दिया उस देश में तेरे परदेस […]

सजनवा बैरी हो गए हमार !/गीत/शैलेन्द्र

सजनवा बैरी हो गए हमार ! जाए बसे परदेस सजनवा, सौतन के भरमाए न संदेस, न कौनउं ख़बरिया, रुत आए रुत जाए डूब गए हम बीच भंवर में, करके सोलह पार करमवा बैरी हो गए हमार ! सूनी सेज, गोद मेरी सूनी, मरम न जाने कोय छटपट तड़पे प्रीत बेचारी, ममता आँसू रोए ना कोई […]

बरसात में हमसे मिले तुम सजन/गीत/शैलेन्द्र

बरसात में हमसे मिले तुम सजन तुमसे मिले हम बरसात में … प्रीत ने सिंगार किया, मैं बनी दुल्हन सपनों की रिमझिम में, नाच उठा मन मेरा नाच उठा मन आज मैं तुम्हारी हुई तुम मेरे सनम तुम मेरे सनम बरसात में … नैनों से झांकी जो, मेरी मस्त जवानी दुनिया से कहती फिरे, दिल […]

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना/गीत/शैलेन्द्र

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ऐसे मनमौजी को मुश्किल है समझाना – है ना बेगानी शादी में … दुल्हन बनूँगी मैं, डोली चढ़ूँगी मैं दूर कहीं बालम के, दिल में रहूँगी मैं तुम तो पराए हो, यूँ ही ललचाए हो जाने किस दुनिया से, जाने क्यूँ आए हो बेगानी शादी में … लहराती जाऊँ मैं, […]

ओ जानेवाले, हो सके तो लौटके आना/गीत/शैलेन्द्र

ओ जानेवाले, हो सके तो लौटके आना ये घाट तू ये बाट कहीं भूल न जाना ओ जानेवाले, हो सके तो लौटके आना बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे ढूँढ़ेंगे तुझे गली-गली सब ये ग़म के मारे पूछेगी हर निगाह कल तेरा ठिकाना ओ जानेवाले, हो सके तो लौटके आना दे-दे के ये […]

आज फिर जीने की तमन्ना है/गीत/शैलेन्द्र

काँटों से खींच के ये आँचल तोड़ के बंधन बांधे पायल कोई न रोको दिल की उड़ान को दिल वो चला ह ह हा हा हा हा आज फिर जीने की तमन्ना है आज फिर मरने का इरादा है कल के अंधेरों से निकल के देखा है आँखें मलके मलके फूल ही फूल ज़िंदगी बहार […]

पिया तोसे नैना लागे रे, नैना लागे रे/गीत/शैलेन्द्र

पिया तोसे नैना लागे रे, नैना लागे रे जाने क्या हो अब आगे रे, नैना लागे रे पिया तोसे नैना लागे रे, नैना लागे रे हो, जग ने उतारे हो, धरती पे तारे, पर मन मेरा मुरझाये हो, उन बिन आई हो, ऐसी दीवाली मिलनेको जिया तरसाये, आ साजन पायल पुकारे झनक झन झन झनक […]

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं /गीत/शैलेन्द्र

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं हमें डर है हम खो न जाएं कहीं सुहाना सफ़र … ये कौन हँसता है फूलों में छूप कर बहार बेचैन है किसकी धुन पर कहीं गुमगुम, कहीं रुमझुम, के जैसे नाचे ज़मीं सुहाना सफ़र … ये गोरी नदियों का चलना उछलकर के जैसे अल्हड़ चले पी से मिलकर […]