तू प्यार का सागर है/गीत/शैलेन्द्र
तू प्यार का सागर है, तेरी इक बून्द के प्यासे हम लौटा जो दिया तुमने, चले जाएँगे जहाँ से हम तू प्यार का सागर है … घायल मन का, पागल पँछी उड़ने को बेक़रार पँख हैं कोमल, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार जाना है सागर पार अब तू ही इसे समझा, राह भूले […]
