सुनो ऐ चाँद पूनम के/ग़ज़ल/डॉ. सीमा विजयवर्गीय

लेखक

  • डॉ. सीमा विजयवर्गीय
    शिक्षा-
    एम.ए. (हिंदी व संगीत),
    पी-एच.डी.-(राजस्थान वि.वि),
    बी.एड. शैक्षणिक,

    उपलब्धियाँ-पी-एच.डी.-हिंदी समास एक अध्ययन डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी की रचनाओं के संदर्भ में।( व्याकरण)

    प्रकाशित कृतियाँ:
    1. ले चल अब उस पार कबीरा( ग़ज़ल-संग्रह, 2019)
    2. रज़ा भी उसी की ( ग़ज़ल-संग्रह,2020)
    3. तेरी ख़ुशबू मेरे अंदर ( ग़ज़ल-संग्रह, 2021)
    4. बुद्ध होना चाहती हूँ (ग़ज़ल-संग्रह, 2023)
    5. साक्षात्कार के बीच हिन्दी ग़ज़लकार (साक्षात्कार-संग्रह,
    2025)
    6. हिंदी ग़ज़ल में कृष्ण कुमार नाज़ का प्रदेय

    लेखन विधा: ग़ज़ल, गीत, दोहा, कविता, गद्य

    *विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में ग़ज़लें प्रकाशित
    *अनेक राष्ट्रीय मंचों पर काव्यपाठ, दूरदर्शन, लोकसभा टीवी पर अनेक कार्यक्रम एवं मंचसंचालन

    View all posts

उसे अब ढूँढ कर लाना, सुनो ऐ चाँद पूनम के
ये दिल जिसका है दीवाना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

रहे रूठा मगर यादों में आकर क्यों सताता है
ये उससे पूछ कर आना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

उसे भी प्रेम के धागों पे क्या विश्वास है पूरा
नज़र उसकी भी पढ़ आना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

तुम्हारे रूप से भी है कहीं सुंदर मेरा चंदा
ये सुनकर रूठ मत जाना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

हठीला तो बहुत लेकिन वो दिल का है बहुत अच्छा
मगर उसको न बतलाना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

बिरह के दीप ले, इक आस में बैठी कोई जोगन
उसे चुपके से समझाना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

शरद की चाँदनी को देखकर, तुम खो नहीं जाना
मेरे चंदा को ले आना, सुनो ऐ चाँद पूनम के

सुनो ऐ चाँद पूनम के/ग़ज़ल/डॉ. सीमा विजयवर्गीय

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *