अभी/अनिता रश्मि
सब अपने-अपने कमरों में लटके हुए शान से अपने-अपने सलीबों पर मोबाइल में व्यस्त मोबाइल, लैपटाॅप पर घर के एकांत कोनों से चिपके कितने एकाकी हैं सब विकास की ऊँचाइयाँ सहेजते हुए मुट्ठी में अपनी एकाकी जीवन की सजा भोग रहे वे भीड़ के बीच भीड़ से अलग-थलग स्क्रीन की रौशनी से चकित, ठहरे हुए […]
