मेरी कविता/कविता/पल्लवी पाण्डेय
मेरी कविता तुम तब क्यों आती हो जब मैं काट रही होती हूं आलू , प्याज़, टमाटर छौंकती हूं सब्जियां भूनती हूं मसालें दिमाग लगा होता है स्वादानुसार नमक की ओर उसी दौरान क्यों आ जाती हो इतने नए बिंबों को समेटे हुए कड़ाही में उबलती सब्जी के साथ पक जाते हैं शब्द तुम्हारे , […]
