अब जमाने को खबर कर दो कि ‘नीरज’ गा रहा है/गीत/गोपालदास नीरज
अब जमाने को खबर कर दो कि ‘नीरज’ गा रहा है जो झुका है वह उठे अब सर उठाए, जो रूका है वह चले नभ चूम आए, जो लुटा है वह नए सपने सजाए, जुल्म-शोषण को खुली देकर चुनौती, प्यार अब तलवार को बहला रहा है। अब जमाने को खबर कर दो कि ‘नीरज’ गा […]
