दुसुख़ने/अमीर खुसरो
दोसुख़ने में दो कथनों या उक्तियों का एक ही उत्तर होता है। इसका मूल आधार भी शब्द के दो-दो अर्थ हैं: अनार क्यों न चखा ? वज़ीर क्यों न रखा ? (उत्तर=दाना न था (अनार का दाना और दाना=बुद्धिमान) गोश्त क्यों न खाया ? डोम क्यों न गाया ? (उत्तर=गला न था) मांस कच्चा था, […]
