ऐ भाई! जरा देख के चलो/गीत/गोपालदास नीरज
ऐ भाई! जरा देख के चलो, आगे ही नहीं पीछे भी दायें ही नहीं बायें भी, ऊपर ही नहीं नीचे भी ऐ भाई! तू जहाँ आया है वो तेरा- घर नहीं, गाँव नहीं गली नहीं, कूचा नहीं, रस्ता नहीं, बस्ती नहीं दुनिया है, और प्यारे, दुनिया यह एक सरकस है और इस सरकस में- बड़े […]
