मुझे चाहिए कुछ बोल/कविता/अवतार सिंह संधू ‘पाश’
मुझे चाहिए कुछ बोल जिनका एक गीत बन सके…… छीन लो मुझसे ये भीड़ की टें टें जला दो मुझे मेरी कविता की धूनी पर मेरी खोपड़ी पर बेशक खनकाएं शासन का काला डंडा लेकिन मुझे दे दो कुछ बोल जिनका गीत बन सके…… मुझे नहीं चाहिए अमीन सयानी के डायलॉग संभाले आनंद […]
