मन की बात – दोहों के साथ/दोहा/ नन्दिता माजी शर्मा
मन की बात – दोहों के साथ विनती करती नन्दिता, सुन लो मन की बात। करनी का संज्ञान लो, हो कोई भी जात।।१।। मन में हो सद्भावना, शिक्षित हो परिवार। संस्कृति का उत्थान हो, मन से मिटे विकार।।२।। अधिकारों को यश मिले, हो रक्षित परिवेश। दुष्कर्मौं का नाश हो, द्वेष न रखना न लेश।।३।। आत्मनिर्भर […]