Month: अगस्त 2025

अपाहिज़ कौन ?/पंजाबी लघुकथा/रजनी

अपाहिज़ कौन ? रोजाना की तरह कालांवाली से बठिंडा जाने वाली रेलगाड़ी में मलकीत और उसके चार दोस्त ताश के पत्ते बांटने लगते हैं तब सुखदेव ने भ्रष्टाचार का विषय छेड़ लिया जिसमें धीरे-धीरे उनके रोजाना की मित्र टोली के अलावा आम सवारियां भी जुड़ गई। बातों-बातों में ज़िक्र सरकारी मुलाजिमों का भी चल पड़ा। […]

रचना निर्मल की 51 ग़ज़लें

  ग़ज़ल 1   मेरे ख़्वाबों में रोज़ आते हैं सोए जज़्बात वो जगाते हैं   वो गुज़रते हैं जिस गली से भी हर तरफ़ गुल महकते जाते हैं   इश्क़ उनको नहीं अगर हमसे ज़ख्म पर क्यों नमक लगाते हैं   रात होते ही क्यों सर-ए-मिज़्गाँ अश्क मोती से झिलमिलाते हैं   हम जिन्हें […]