अपाहिज़ कौन ?/पंजाबी लघुकथा/रजनी
अपाहिज़ कौन ? रोजाना की तरह कालांवाली से बठिंडा जाने वाली रेलगाड़ी में मलकीत और उसके चार दोस्त ताश के पत्ते बांटने लगते हैं तब सुखदेव ने भ्रष्टाचार का विषय छेड़ लिया जिसमें धीरे-धीरे उनके रोजाना की मित्र टोली के अलावा आम सवारियां भी जुड़ गई। बातों-बातों में ज़िक्र सरकारी मुलाजिमों का भी चल पड़ा। […]
