ताबीर मिल गई/कामना मिश्रा

लेखक

  • कामना मिश्रा
    दिल्ली, भारत
    शिक्षा- BSc.Botany .Hons , खालसा कॉलेज,नार्थ कैम्पस दिल्ली विश्वविद्यालय
    NIIT में English Facilitator and Interview Skills expert की नौकरी
    Kamna Classes -- मेरा कोचिंग सेंटर
    English Speaking Skill expert and Personality Groomer, English Teacher
    समाज सेविका
    शिक्षाविद

    View all posts

इक दिन मुझे भी प्यार की तहरीर मिल गई

ऐसा लगा कि खुशियों की जागीर मिल गई

जीती हूँ मस्त हाल में खुशहाल हो के मैं

सारे हसीन ख़ाबों की ताबीर मिल गई

लिखती हूँ अपने मन की ही बेफ़िक्र हो के मैं

जैसे क़लम नहीं कोई शमशीर मिल गई

होता है ज़िक्र आपका जब भी कभी कहीं

लगता है जैसे ग़म की ही जागीर मिल गई

सोचा न था कभी वही सब हो रहा है अब

सहरा में भी बहार की तासीर मिल गई

कामना मिश्रा

ताबीर मिल गई/कामना मिश्रा

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *