अब भला कौन पड़ोसी की ख़बर रखता है/ग़ज़ल/ए.एफ़. ’नज़र’

लेखक

  • ए.एफ़. ’नज़र’
    जन्म -30 जून,1979
    गाँव व डाक- पिपलाई, तहसील- बामनवास
    ज़िला- गंगापुर सिटी (राज), पिन- 322214
    मोबाइल - 9649718589
    Email- af.nazar@rediffmail.com

    View all posts

अब भला कौन पड़ोसी की ख़बर रखता है,
आज हर शख़्स सितारों पे नज़र रखता है।

खूब पछताऐगा यह गाँव से जाने वाला,
हर नगर जलती हुई राहगुज़र रखता है।

एक मुद्दत से न ली अपने बुजुर्गों की ख़बर,
यूँ तो वो सारे ज़माने की ख़बर रखता है।

हक़परस्ती की हिमायत में वही बोलेगा,
अपने सीने में जो पत्थर का जिगर रखता है।

अपने मज़बूत इरादों को सदा क़ायम रख,
चाँद छूने की तमन्ना तू अगर रखता है।

अब भला कौन पड़ोसी की ख़बर रखता है/ग़ज़ल/ए.एफ़. ’नज़र’

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *