भीतर भीतर रम गया/हरीलाल ‘मिलन ‘
भीतर भीतर रम गया, क्या गृहस्थ...
हरीलाल 'मिलन '
पिता : स्व. राम दुलारे शर्मा
माता. : स्व.राजकली देवी
पत्नी : स्व . दुर्गावती शर्मा
जन्म तिथि : 8 जुलाई 1954
संप्रति : श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त
प्रकाशित कृतियां : -खंड काव्य 'परित्यक्ता ' (1995) गजल संग्रह 'वक्त रो रहा है ' (2003 ) गजल संग्रह में 'ये आंसू ' (2009 एवं 2016 ), उपन्यास '' म्रिया ' (2012 ) गीतकृति अंधेरे भी उजाले भी (2015 ) गीतकृति ' नमन भारत भारती ' (2017 ) कहानी संग्रह 'आखिरी झूठ ' (2018 ) कविता सग्रह 'कागज कलम कविता ' (2019 ) दोहा संग्रह 'दर्पण समय का ' (2020 ) समीक्षा / समालोचना 'मेरी परख ' (2021) महाकाव्य 'सांची कहे कबीर ' (2022 )
