इक मुसीबत हो गये/कामना मिश्रा
हो गये बच्चे बड़े जब,घर से रुख़्सत...
तस्करी-धंधे की देखो हर तरफ़ भरमार है/कामना मिश्रा
धूर्त -झूठों का ही अक्सर होता...
काबू में नहीं आपके ये जज़्बात तो/कामना मिश्रा
जो न दे साथ कभी उन से न हो बात तो...
चले तो जाते हैं कुछ लोग छोड़ कर घर को/कामना मिश्रा
ख़ुशी से ज़िन्दगी होगी बसर कभी...
ताबीर मिल गई/कामना मिश्रा
इक दिन मुझे भी प्यार की तहरीर...
