हो ‘गणेश’ उत्तीर्ण/भाऊराव महंत
लम्बी-लम्बी सूंड तुम्हारी, सूपे...
वेग कहाँ से लाऊँ/भाऊराव महंत
घोड़ागाड़ी,ऑटोरिक्शा, कार, सायकिल,...
छू-मंतर/भाऊराव महंत
एक कबूतर छत पर आया, गुटर-गुटर-गू...
सम्मान/भाऊराव महंत
बहुत बड़ा संसार हमारा, उसमें...
ये बच्चे हैं/भाऊराव महंत
करते रहते ये बच्चे हैं, काम इन्हें...
चींटी और हाथी/भाऊराव महंत
आओ बच्चों तुम्हें बताऊँ, एक समय...
बंदर मामा/भाऊराव महंत
कभी-कभी तो बंदर मामा, खुद को जतलाने...
परीक्षा/भाऊराव महंत
बच्चों! जिसकी आशंका से, अक्सर...
सर्दी की सैर/भाऊराव महंत
बिन स्वेटर के घूम रहा था, चूहों...
कौए भाई/भाऊराव महंत
कौए भाई–कौए भाई, तुम जो काले-काले...
