‘जीवन के राग-विराग’/अनिता रश्मि
मणिकर्णिका घाट! सामने जलती... Read more.
ईश्वर को चुनौती/अनिता रश्मि
उसकी हथेलियों पर आ बैठी धूप गौरैया... Read more.
हिरणी/अनिता रश्मि
जंगल से बाहर आते ही कोमल, मासूम,... Read more.
प्रश्न बिजूका का/अनिता रश्मि
खेतों में खड़ा हँसता है बिजूका... Read more.
अभी/अनिता रश्मि
सब अपने-अपने कमरों में लटके हुए... Read more.
हम/अनिता रश्मि
वह जो खेतों में बड़ी हसरतों से... Read more.
ताखे पर दीया/अनिता रश्मि
चलो पूरी दुनिया में दीया जला... Read more.
बेतरा/अनिता रश्मि
बाँधकर बेतरा में अपने छउआ-पुता... Read more.
ख़ुश्बू चुराते बच्चे/अनिता रश्मि
कोलतार चुपड़ी काली सड़क से दौड़ते... Read more.
अब चुप न रहो/अनिता रश्मि
सारे भेद खोलने दो कविता कवियों... Read more.